“बिहार चुनाव 2025 परिणाम: NDA की प्रचंड जीत, नितीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री”
“बिहार चुनाव 2025 में NDA ने ऐतिहासिक बहुमत जीता, नितीश कुमार फिर मुख्यमंत्री। पूरी रिपोर्ट में परिणाम और विश्लेषण पढ़ें।”

बिहार में 6 से 11 नवंबर 2025 के बीच आयोजित विधानसभा चुनावों का परिणाम 14 नवंबर को जारी हुआ। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसे बिहार की राजनीति में एक बड़ा पॉलिटिकल झटका माना जा रहा है।
NDA ने 243-सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीत ली हैं, जिसे बहुमत से बहुत ऊपर माना जा सकता है।
इसके चलते Nitish Kumar दसवीं बार मुख्यमंत्री पद पर लौटेंगे।
यह पहला मौका है जब भाजपा (BJP) ने बिहार विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक सीटें जीती हैं।
विपक्षी गठबंधन महागठबंधन (RJD-केंद्रित) बुरी तरह कमजोर पड़ गया है। RJD-महागठबंधन को सिर्फ कुछ सीटें मिली हैं।
प्रमुख विजेता और उनके संदेश
1. नितीश कुमार (JDU)
अनुभव और जनसेवा की रणनीति ने उन्हें फिर से सत्ता में लाने में मदद की।
उनकी वापसी से यह संदेश गया कि बिहार के मतदाताओं ने विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दी।
2. अंत सिंह (JD(U))
मोकामा सीट से जेल में रहते हुए भी जीत हुई — यह उनकी मजबूत पकड़ को दिखाता है।
उन्होंने लगभग 28,000 वोटों की बढ़त से जीत दर्ज की।
3. सम्राट चौधरी (BJP)
टरापुर से भारी वोट-मार्जिन से जीते — यह NDA के पूरे मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
4. तेजस्वी यादव (RJD)
हालांकि RJD की स्थिति कमजोर रही, लेकिन Raghopur सीट से Tejashwi Yadav ने जीत दर्ज की है — यह भाजपा / NDA की बढ़त के बावजूद उनकी राजनीतिक शक्ति को दर्शाता है।
5. रेनू देवी (BJP)
उन्होंने अपनी सीट को बरकरार रखा, यह BJP के पुराने नेता-पैठ को भी दिखाता है।
जीत के पीछे की रणनीतियाँ और कारण
महिला मतदाता और कल्याण योजना: NDA की जन-कल्याण योजनाओं ने महिलाओं को भी लुभाया, जिससे उनकी वोटिंग में बढ़त हुई। विश्लेषकों के मुताबिक, मोदी सरकार की सामाजिक योजनाएं चुनावी मैदान में असरदार रहीं।
संघर्ष-विकास संतुलन: सरकार ने सुरक्षा (law and order) के मुद्दे के साथ-साथ विकास पर भी जोर दिया, जिससे मतदाता दोनों को महत्व देने लगे।
स्थिर गठबंधन: NDA की एकजुटता (BJP + JDU आदि) ने रणनीतिक और वोट शेयर दोनों में मजबूत प्रदर्शन किया।
विपक्ष की कमजोरियाँ: महागठबंधन की रणनीति और एकजुटता उम्मीद के मुताबिक़ असर नहीं दिखा पाई।
भविष्य की राजनीति पर निहितार्थ
राजनीतिक स्थिरता: NDA की यह प्रचंड जीत बिहार में राजनीतिक स्थिरता को और मजबूत करेगी।
राष्ट्रीय राजनीति में असर: बिहार भारत के एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है। NDA की मजबूत पकड़ केंद्र सरकार और आने वाले चुनावों पर भी सकारात्मक असर डाल सकती है।
विकास एजेंडा को बढ़ावा: अब नितीश कुमार दूसरी पारी में विकास और जन-कल्याण योजनाओं को और आगे ले जाने की स्थिति में हैं।
विपक्ष के लिए चुनौती: RJD और महागठबंधन को अपनी रणनीति और जनाधार पर पुनर्विचार करना होगा, क्योंकि इस चुनाव में उनका सफाया हुआ है।
निष्कर्ष
2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में NDA की भारी और निर्णायक जीत ने राजनीतिक परिदृश्य में एक नई ताकत और स्पष्ट जनादेश को उजागर किया है। नितीश कुमार की वापसी, BJP की रिकॉर्ड संख्या, और विपक्ष की कमजोर स्थिति—ये सभी संकेत देते हैं कि बिहार की जनता ने विकास, स्थिरता और जन-कल्याण को फिर से प्राथमिकता दी है। यह चुनाव न केवल बिहार के लिए बल्कि देश की राजनीति के लिए भी मील का पत्थर बन सकता है।




